क्योंकि ब्योंड़े के टूट जाने पर किला देर तक नहीं बचता…
अबकी उन्हें भी अहसास हो गया था, शायद इसीलिए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को लगातार ‘बाहरी’ और ‘जमींदार’ बताकर चुनाव प्रचार किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बंगाल के लिए ‘विदेशी’ भाजपा को रोकने वाली ‘देसी’ ताकतों की जमीन छिन चुकी थी जबकि उसे बढ़ाने वाली विभाजनकारी हवा समूचे बंगाल को घेर चुकी थी।
