दुनिया 200 साल बाद

सड़क के रिश्‍ते

दो दिन हुए हमें कलकत्ते में आए। शहर में बसंत उतरा हुआ सा महसूस होता है लेकिन गर्मी की आहट भी सुनाई दे रही है। सियालदह स्टेशन के बाहर निकलते…

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दुनिया 200 साल बाद

37, अमड़ातला गली की तलाश

पंडित जुगल किशोर शुक्‍ल कलकत्ता से प्रकाशित अपने अख़बार ‘उदन्‍त मार्त्तण्‍ड’ में ‘इस कागज़ के प्रकाशक का इश्तिहार’ के शीर्षक से जो सूचना छापते थे उसमें अख़बार का पता बताया…

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1826 के झरोखे से

इस कागज़ के प्रकाशक का इश्तिहार

दिवाकान्‍त कान्तिं बिनाध्‍वान्‍तमन्‍तं
नचाप्रोति लद्वज्‍जगत्‍यज्ञ लोक:।
समाचार सेवामृते ज्ञत्‍वमाप्‍तुं
नशक्‍नोति तस्‍मात्‍करोमीति यत्‍नं।।

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