इस कागज़ के प्रकाशक का इश्तिहार
यह उदन्त मार्त्तण्ड अब पहले पहल हिंदुस्तानियों के हितके हेत जो आज तक किसी ने नहीं चलाया पर अंग्रेजी ओ पारसी ओ बंगले में जो समाचार का काग़ज़ छपता है…
दिवाकान्त कान्तिं बिनाध्वान्तमन्तं नचाप्रोति लद्वज्जगत्यज्ञ लोक:।
समाचार सेवामृते ज्ञत्वमाप्तुं नशक्नोति तस्मात्करोमीति यत्नं।।
यह उदन्त मार्त्तण्ड अब पहले पहल हिंदुस्तानियों के हितके हेत जो आज तक किसी ने नहीं चलाया पर अंग्रेजी ओ पारसी ओ बंगले में जो समाचार का काग़ज़ छपता है…