उस्ताद के उजड़े दयार पर तीन घंटे
रवींद्रनाथ को पढ़ने के लिए आपको शांति निकेतन में जाना होगा। समेट दिया कोने में। रवींद्रनाथजी वहीं बैठे हैं। पेड़ के नीचे। आप कल्चर की बात कर रहे हैं, यहां छोटा बच्चा गाली से बात करना शुरू करता है। कल्चर गायब हो चुका है। कुछ नहीं है। यहां का हालत बहुत खराब है। आप जिन लोगों से बात कर रहे हैं न, वो दिन में गांजा पीते हैं और रात में शराब पीते हैं। काम क्या करते हैं, पॉलिटिक्स…
