दुनिया 200 साल बाद

मटियाबुर्ज: होने और न होने के बीच

कलकत्ते में वाजिद अली शाह की खुशबू लेनी हो तो मटियाबुर्ज जाना चाहिए, जहां नवाब ने अपने आखिरी साल बिताए और शहर के भीतर एक छोटा सा अदद लखनऊ बसा डाला। आज भी यहां आप किसी से दो बात कर लें तो भूल जाएंगे कि बंगाल में हैं।

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