साधु और शैतान के बीच प्रेत होने की कला
श्रीकांत वर्मा सम्मान को लेकर हुई फजीहत और आलोचना के बाद अशोक वाजपेयी ने कह दिया कि वे बीस बिस्वा के ब्राह्मण हैं और जो उनके कार्यक्रम में नहीं आएगा उसको वे श्राप दे देंगे। अब हमारे यहां श्राप तो प्रेत ही देते हैं, चाहे जिंदा हों या मृत! श्राप वही देता है जो प्रेत योनि में अटका हुआ हो, अतृप्त हो। अशोक वाजपेयी की अतृप्ति पहले से समझ में आती रही है, इसलिए उनके श्राप का क्या ही बोझ लेना! इस हफ्ते कहानी कला के क्षेत्र से एक बड़े साधक की, जिसकी मौत हुए अस्सी साल हो रहे हैं लेकिन जिसे समझना आज भी टेढ़ी खीर है।
